जबलपुर: शासकीय महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में आयोजित वार्षिक स्नेह सम्मेलन ‘मंजरी’ के दौरान छात्राओं की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के लिए “कबाड़ से जुगाड़” प्रतियोगिता का शानदार आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में छात्राओं ने अनुपयोगी और बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं का उपयोग कर अद्भुत और काम आने वाली सामग्री तैयार की।
रचनात्मकता और नवाचार की झलक: छात्राओं ने अपनी कल्पनाशीलता से पर्यावरण संरक्षण और री-यूज़ (Reuse) का संदेश दिया:
-
घरेलू उपयोगी वस्तुएं: छात्राओं ने गत्ते (Cardboard) की मदद से वर्किंग सोलर कुकर का मॉडल तैयार किया।
-
सजावटी सामग्री: पुराने दीयों से सुंदर लैंप सेट, प्लास्टिक की बोतलों से फ्लावर पॉट और पॉलिथीन से आकर्षक फूल बनाए गए।
-
अन्य कलाकृतियां: पुराने अखबार, टायर, कपड़े की कतरनें और डिब्बों का उपयोग कर वॉल हैंगिंग, पेन स्टैंड और घर की सजावट के बेहतरीन मॉडल पेश किए गए।
उद्देश्य और संदेश: महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. नीलम अग्रवाल ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य ‘वेस्ट मैनेजमेंट’ के प्रति जागरूकता लाना और छात्राओं की रचनात्मक क्षमता को निखारना है। उन्होंने बताया कि ऐसी गतिविधियों से छात्राओं में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और नवाचार (Innovation) की भावना बढ़ती है।










